(A) प्रसव के लिए संकेत पूर्ण रूप से विकसित भ्रूण और अपरा (placenta) से उत्पन्न होते हैं,जो गर्भाशय में हल्के संकुचन को प्रेरित करते हैं जिसे भ्रूण उत्क्षेपण प्रतिवर्त (foetal ejection reflex) कहा जाता है।
यह प्रतिवर्त माता की पश्च पीयूष ग्रंथि (posterior pituitary gland) से $Oxytocin$ के स्राव को उत्तेजित करता है।
$Oxytocin$ गर्भाशय की पेशियों पर कार्य करता है और गर्भाशय में अधिक शक्तिशाली संकुचन पैदा करता है,जो बदले में $Oxytocin$ के और अधिक स्राव को उत्तेजित करता है।
साथ ही,अपरा $Prostaglandins$ का स्राव करता है,जो गर्भाशय के संकुचन को और अधिक तीव्र कर देते हैं।
गर्भाशय के संकुचन और $Oxytocin$ के स्राव के बीच यह उत्तेजक प्रतिवर्त जारी रहता है,जिसके परिणामस्वरूप अधिक शक्तिशाली और बार-बार संकुचन होते हैं,जिससे शिशु जन्म नली के माध्यम से गर्भाशय से बाहर निकल जाता है।