(N/A) $\rightarrow$ जातिवृत्त (Phylogeny) का तात्पर्य किसी जीव के विकासवादी इतिहास से है। यह विभिन्न जीवों के बीच पूर्वजों के संबंधों के बारे में अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।
$\rightarrow$ यद्यपि जीवाश्म रिकॉर्ड कुछ जानकारी प्रदान करते हैं,लेकिन वे अक्सर अधूरे होते हैं। इसलिए,जातिवृत्तीय संबंधों का निर्धारण आकारिकी (morphology),कोशिका विज्ञान (cytology),आनुवंशिकी (genetics),शरीर क्रिया विज्ञान (physiology) और जैव रसायन (biochemistry) जैसे विभिन्न क्षेत्रों के डेटा को एकीकृत करके किया जाता है।
$\rightarrow$ वर्गीकरण के आधार के रूप में इन विकासवादी संबंधों का उपयोग यह सुनिश्चित करता है कि जीवों को केवल सतही समानताओं के बजाय उनकी प्राकृतिक समानताओं के अनुसार समूहीकृत किया जाए,जिससे एक अधिक सटीक और वैज्ञानिक वर्गीकरण प्रणाली प्राप्त होती है।