(N/A) प्रवाल भित्तियों को पनपने के लिए उच्च लवणता,स्वच्छ जल और गाद (silt) की कमी जैसी विशिष्ट पर्यावरणीय स्थितियों की आवश्यकता होती है।
पश्चिम बंगाल से आंध्र प्रदेश तक के क्षेत्रों में गंगा,ब्रह्मपुत्र,महानदी,गोदावरी और कृष्णा जैसी बड़ी नदियाँ बंगाल की खाड़ी में भारी मात्रा में मीठा पानी और तलछट (गाद) गिराती हैं।
मीठे पानी के इस प्रवाह से लवणता कम हो जाती है और गाद के कारण पानी में गंदलापन बढ़ जाता है,जो प्रवाल पॉलिप्स के भीतर रहने वाले सहजीवी शैवाल (ज़ूक्सैंथेले) के लिए आवश्यक सूर्य के प्रकाश को अवरुद्ध करता है।
इसके विपरीत,तमिलनाडु और पूर्वी तट के कुछ अन्य हिस्सों में लवणता अधिक होती है,पानी साफ होता है और मीठे पानी का प्रवाह कम होता है,जो प्रवाल भित्तियों के विकास के लिए आदर्श स्थितियाँ प्रदान करता है।