वैज्ञानिक कारण दीजिए: स्वप्रतिरक्षी रोग (Autoimmune diseases) प्रतिरक्षा न्यूनता रोगों (Immune deficiency diseases) से भिन्न होते हैं।

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(N/A) स्वप्रतिरक्षी रोग तब होते हैं जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्व-कोशिकाओं और पर-कोशिकाओं के बीच अंतर करने की क्षमता खो देती है,जिससे यह शरीर के अपने स्वस्थ ऊतकों पर हमला करने लगती है। इसका एक उदाहरण रुमेटीइड आर्थराइटिस है।
इसके विपरीत,प्रतिरक्षा न्यूनता रोग तब होते हैं जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर या बाधित हो जाती है,जिसके परिणामस्वरूप यह रोगजनकों से प्रभावी ढंग से लड़ने में असमर्थ हो जाती है,जिससे बार-बार संक्रमण होता है और घाव भरने में कठिनाई होती है। इसका एक उदाहरण $AIDS$ है।

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