(N/A) $\Rightarrow$ लाइसोसोम झिल्ली-बद्ध पुटिका संरचनाएं हैं जो गॉल्जी उपकरण में पैकेजिंग की प्रक्रिया द्वारा बनती हैं।
$\Rightarrow$ इनमें विभिन्न प्रकार के जल-अपघटनी एंजाइम (हाइड्रोलेस,लाइपेज,प्रोटीज और कार्बोहाइड्रेज) होते हैं जो अम्लीय pH पर सक्रिय होते हैं।
$\Rightarrow$ ये एंजाइम कार्बोहाइड्रेट,प्रोटीन,लिपिड और न्यूक्लिक एसिड को पचाने में सक्षम होते हैं।
$\Rightarrow$ सामान्य परिस्थितियों में,लाइसोसोम की झिल्ली बरकरार रहती है,जिससे ये एंजाइम अंदर ही रहते हैं और कोशिका को नुकसान नहीं पहुँचाते हैं।
$\Rightarrow$ हालाँकि,यदि कोशिका क्षतिग्रस्त हो जाती है या चयापचय संबंधी गड़बड़ी होती है,तो लाइसोसोम की झिल्ली फट सकती है,जिससे ये पाचक एंजाइम कोशिकाद्रव्य में मुक्त हो जाते हैं।
$\Rightarrow$ एक बार मुक्त होने के बाद,ये एंजाइम कोशिका के अपने अंगों और घटकों को पचा लेते हैं,जिससे कोशिका नष्ट हो जाती है। इसलिए,लाइसोसोम को 'आत्मघाती थैली' कहा जाता है।