(N/A) $1811$ में,इतालवी वैज्ञानिक एमेडियो अवोगाद्रो ने डाल्टन के परमाणु सिद्धांत और गे-लुसाक के आयतन संयोजन के नियम के निष्कर्षों को जोड़ा,जिसे अब अवोगाद्रो के नियम के रूप में जाना जाता है।
अवोगाद्रो का नियम: यह बताता है कि समान तापमान और दबाव की स्थिति में सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है।
गणितीय सूत्र: अवोगाद्रो के नियम के अनुसार,जब तापमान और दबाव स्थिर रहते हैं,तो आयतन $(V)$ गैस की मात्रा ($n$ मोल में) के सीधे आनुपातिक होता है।
$V \propto n$ (स्थिर $T$ और $p$ पर) .....(Eq.-$i$)
जहाँ,$n$ गैस के मोलों की संख्या है।
$V = k_{4} n$ (Eq.-$ii$)
चूंकि मोलों की संख्या $n = \frac{m}{M}$,जहाँ $m$ गैस का द्रव्यमान है और $M$ मोलर द्रव्यमान है,हम इसे समीकरण में प्रतिस्थापित कर सकते हैं:
$V = k_{4} \left( \frac{m}{M} \right)$ .....(Eq.-$iii$)
मोलर द्रव्यमान $M$ के लिए पुनर्व्यवस्थित करने पर:
$M = k_{4} \left( \frac{m}{V} \right)$ .....(Eq.-$iv$)
चूंकि घनत्व $d = \frac{m}{V}$,इसलिए:
$M = k_{4} d$ .....(Eq.-$v$)
निष्कर्ष: स्थिर तापमान और दबाव पर गैस का घनत्व उसके आणविक द्रव्यमान के सीधे आनुपातिक होता है।