(N/A) किसी तत्व के समस्थानिकों की परमाणु संख्या और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होते हैं। चूंकि रासायनिक गुण इलेक्ट्रॉनिक विन्यास द्वारा निर्धारित होते हैं,इसलिए समस्थानिक समान रासायनिक व्यवहार प्रदर्शित करते हैं।
$(b)$ एक परमाणु में प्रोटॉन (धनावेशित) और इलेक्ट्रॉन (ऋणावेशित) की संख्या समान होती है। विपरीत आवेश एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं,जिससे परमाणु विद्युत रूप से उदासीन हो जाता है।
$(c)$ उत्कृष्ट गैसों की सबसे बाहरी कक्षा पूर्ण होती है (स्थिर अष्टक या द्विक विन्यास),जो उन्हें रासायनिक रूप से अक्रिय या सबसे कम अभिक्रियाशील बनाती है।
$(d)$ नाभिक प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से बना होता है। प्रोटॉन धनावेशित होते हैं,और चूंकि प्रोटॉन और न्यूट्रॉन दोनों का द्रव्यमान इलेक्ट्रॉनों की तुलना में अधिक होता है,इसलिए नाभिक भारी और धनावेशित होता है।
$(e)$ आयन अधिक स्थिर होते हैं क्योंकि उन्होंने अपनी संयोजी कक्षा में पूर्ण अष्टक या द्विक विन्यास प्राप्त कर लिया होता है,जो उत्कृष्ट गैसों के समान एक स्थिर अवस्था है।