(N/A) ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक कार्बन डाइऑक्साइड (शुष्क बर्फ) के साथ अभिक्रिया करके कार्बोक्सिलिक अम्ल के लवण बनाते हैं,जो खनिज अम्ल के साथ अम्लीकरण करने पर संगत कार्बोक्सिलिक अम्ल देते हैं।
सामान्य अभिक्रिया:
$R-Mg-X + O=C=O \xrightarrow{\text{dry ether}} R-COO^-Mg^+X$
$R-COO^-Mg^+X \xrightarrow{H_3O^+} RCOOH + Mg(OH)X$
उदाहरण $(i)$: मिथाइल ब्रोमाइड से एथेनोइक अम्ल का निर्माण:
$CH_3Br \xrightarrow{Mg, \text{dry ether}} CH_3MgBr$
$CH_3MgBr + CO_2 \xrightarrow{\text{dry ether}} CH_3COOMgBr$
$CH_3COOMgBr \xrightarrow{H_3O^+} CH_3COOH + Mg(OH)Br$
उदाहरण $(ii)$: ब्रोमोबेंजीन से बेंजोइक अम्ल का निर्माण:
$C_6H_5Br \xrightarrow{Mg, \text{dry ether}} C_6H_5MgBr$
$C_6H_5MgBr + CO_2 \xrightarrow{\text{dry ether}} C_6H_5COOMgBr$
$C_6H_5COOMgBr \xrightarrow{H_3O^+} C_6H_5COOH + Mg(OH)Br$