(N/A) एक सामान्य उत्क्रमणीय अभिक्रिया $aA + bB \rightleftharpoons cC + dD$ के लिए,जहाँ $A$ और $B$ अभिकारक हैं और $C$ तथा $D$ उत्पाद हैं,रासायनिक साम्यावस्था का नियम यह बताता है कि एक निश्चित तापमान पर,उत्पादों की सांद्रता का गुणनफल,जो उनके संबंधित रससमीकरणमितीय गुणांकों की घात के रूप में होता है,उसे अभिकारकों की सांद्रता के गुणनफल,जो उनके संबंधित रससमीकरणमितीय गुणांकों की घात के रूप में होता है,से विभाजित करने पर एक स्थिर मान प्राप्त होता है जिसे साम्यावस्था स्थिरांक $(K_c)$ कहा जाता है।
इसका गणितीय व्यंजक इस प्रकार है:
$K_c = \frac{[C]^c [D]^d}{[A]^a [B]^b}$
यहाँ,$[A], [B], [C],$ और $[D]$ साम्यावस्था पर प्रजातियों की मोलर सांद्रता को दर्शाते हैं। इस संबंध को द्रव्यमान अनुपाती क्रिया का नियम भी कहा जाता है।