(N/A) ठोसों पर गैसों के अधिशोषण के मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं:
$1$. $\text{भौतिक अधिशोषण (Physisorption)}$: यदि ठोस की सतह पर गैस का संचय कमजोर वैन डर वाल्स बलों के कारण होता है,तो इसे भौतिक अधिशोषण कहा जाता है।
$2$. $\text{रासायनिक अधिशोषण (Chemisorption)}$: जब गैस के अणु या परमाणु ठोस सतह पर रासायनिक बंधों (सहसंयोजक या आयनिक) द्वारा जुड़े होते हैं,तो इसे रासायनिक अधिशोषण कहा जाता है। इसमें उच्च सक्रियण ऊर्जा की आवश्यकता होती है और इसे अक्सर सक्रियित अधिशोषण भी कहा जाता है।
कभी-कभी ये दोनों प्रक्रियाएं एक साथ होती हैं। कम तापमान पर होने वाला भौतिक अधिशोषण तापमान बढ़ने पर रासायनिक अधिशोषण में बदल सकता है। उदाहरण के लिए,$H_2$ पहले $Ni$ पर वैन डर वाल्स बलों द्वारा अधिशोषित होता है,और फिर अणु विघटित होकर हाइड्रोजन परमाणु बनाते हैं जो रासायनिक अधिशोषण द्वारा सतह पर जुड़े रहते हैं।