(N/A) अनावृतबीजी विषमबीजाणुक (heterosporous) होते हैं,जिसका अर्थ है कि वे दो प्रकार के बीजाणु उत्पन्न करते हैं: लघुबीजाणु (microspores) और गुरुबीजाणु (megaspores)।
$1$. ये बीजाणु बीजाणुधानी (sporangia) के भीतर उत्पन्न होते हैं जो बीजाणुपर्णों (sporophylls) पर स्थित होते हैं।
$2$. बीजाणुपर्ण एक अक्ष पर सर्पिल रूप से व्यवस्थित होकर ढीले या सघन शंकु (strobili or cones) बनाते हैं।
$3$. लघुबीजाणुपर्ण और लघुबीजाणुधानी वाले शंकु को नर शंकु (male strobili) कहा जाता है।
$4$. बीजांड या गुरुबीजाणुधानी वाले गुरुबीजाणुपर्णों से युक्त शंकु को मादा शंकु (female strobili) कहा जाता है।
$5$. नर युग्मकोद्भिद अत्यधिक अपचयित (reduced) होता है और सीमित कोशिकाओं तक ही सीमित रहता है,जिन्हें परागकण (pollen grains) कहा जाता है।
$6$. मादा युग्मकोद्भिद भी अपचयित होता है और गुरुबीजाणुधानी (बीजांड) के भीतर ही रहता है।