(N/A) रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के लिए कीट-प्रतिरोधी पौधे विकसित किए जाते हैं। इसका एक उल्लेखनीय उदाहरण तंबाकू के पौधों को सूत्रकृमि $Meloidogyne$ $incognita$ से बचाना है,जो जड़ों को संक्रमित करता है और पैदावार को कम करता है।
$RNA$ इंटरफेरेंस $(RNAi)$ कोशिकीय रक्षा की एक विधि है जो सभी यूकेरियोटिक जीवों में होती है। इसमें एक पूरक $dsRNA$ अणु के कारण एक विशिष्ट $mRNA$ को साइलेंस (निष्क्रिय) किया जाता है,जो $mRNA$ से जुड़कर उसके अनुवाद (translation) को रोकता है।
$RNAi$ की कार्यप्रणाली:
$1$. $Agrobacterium$ वैक्टर का उपयोग करके,सूत्रकृमि-विशिष्ट जीन को मेजबान पौधे में पेश किया जाता है।
$2$. पेश किए गए $DNA$ को इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है कि वह मेजबान कोशिकाओं में सेंस और एंटीसेंस दोनों $RNA$ का उत्पादन करे।
$3$. ये दोनों $RNA$ स्ट्रैंड एक-दूसरे के पूरक होते हैं और डबल-स्ट्रैंडेड $RNA$ $(dsRNA)$ बनाते हैं।
$4$. यह $dsRNA$ $RNAi$ प्रक्रिया को शुरू करता है,जो सूत्रकृमि के विशिष्ट $mRNA$ को साइलेंस कर देता है।
$5$. परिणामस्वरूप,परजीवी ट्रांसजेनिक मेजबान में जीवित नहीं रह पाता है और पौधा संक्रमण से सुरक्षित हो जाता है।