(N/A) $\rightarrow$ नाइडेरियन की लगभग $9000$ प्रजातियां हैं।
$\rightarrow$ नाइडेरिया नाम (Knide-नेटल या डंक कोशिकाएं) इन जंतुओं के स्पर्शकों और शरीर के एक्टोडर्म पर मौजूद डंक कोशिकाओं या नाइडोब्लास्ट से लिया गया है।
$\rightarrow$ नाइडोब्लास्ट का उपयोग आधार (anchorage), रक्षा और शिकार को पकड़ने के लिए किया जाता है।
$\rightarrow$ नाइडेरियन ऊतक स्तर का संगठन प्रदर्शित करते हैं और द्वि-स्तरीय (diploblastic) होते हैं।
$\rightarrow$ इनमें एक केंद्रीय जठर-वाहिका गुहा (gastro-vascular cavity) होती है जिसमें एक ही छिद्र, हाइपोस्टोम होता है।
$\rightarrow$ पाचन बाह्यकोशिकीय और अंतःकोशिकीय होता है। कुछ नाइडेरियन, जैसे मूंगा (corals), में कैल्शियम कार्बोनेट $(CaCO_{3})$ से बना कंकाल होता है।
$\rightarrow$ नाइडेरियन दो बुनियादी शारीरिक रूप प्रदर्शित करते हैं जिन्हें पॉलिप और मेडुसा कहा जाता है।
$\rightarrow$ पॉलिप हाइड्रा, एडम्सिया आदि की तरह स्थिर और बेलनाकार रूप है, जबकि मेडुसा ऑरेलिया या जेली फिश की तरह छाता के आकार का और मुक्त रूप से तैरने वाला होता है।
$\rightarrow$ जो नाइडेरियन दोनों रूपों में मौजूद होते हैं, वे पीढ़ी एकांतरण (Metagenesis) प्रदर्शित करते हैं, अर्थात, पॉलिप अलैंगिक रूप से मेडुसा उत्पन्न करते हैं और मेडुसा लैंगिक रूप से पॉलिप बनाते हैं (उदाहरण: ओबेलिया)।
$\rightarrow$ उदाहरण: फाइसेलिया (पुर्तगाली मैन-ऑफ-वार), एडम्सिया (सी एनीमोन), पेनाटुला (सी-पेन), गॉर्गोनिया (सी-फैन), मिएंड्रिना (ब्रेन कोरल), ऑरेलिया (जेली फिश), ओबेलिया (सी फर)।