(N/A) $\rightarrow$ संघ पोरिफेरा (लैटिन: porus = छिद्र, ferre = धारण करना) में बहुकोशिकीय जंतुओं का प्रथम और सबसे आदिम समूह शामिल है, जिन्हें सामान्यतः स्पंज कहा जाता है।
$\rightarrow$ ये आदिम, बहुकोशिकीय जंतु हैं और इनमें कोशिकीय स्तर का शारीरिक संगठन पाया जाता है।
$\rightarrow$ ये सामान्यतः समुद्री और अधिकांशतः असममित (asymmetrical) होते हैं।
$\rightarrow$ स्पंज में एक अद्वितीय जल परिवहन या नाल तंत्र (canal system) होता है।
$\rightarrow$ जल शरीर की भित्ति में स्थित सूक्ष्म छिद्रों (ostia) के माध्यम से एक केंद्रीय गुहा, स्पंजोसील (spongocoel) में प्रवेश करता है, जहाँ से यह ऑस्कुलम (osculum) के माध्यम से बाहर निकलता है।
$\rightarrow$ जल परिवहन का यह मार्ग भोजन एकत्र करने, श्वसन गैसों के आदान-प्रदान और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक होता है।
$\rightarrow$ कोएनोसाइट्स (Choanocytes) या कॉलर कोशिकाएं स्पंजोसील और नालों के स्तर को बनाती हैं।
$\rightarrow$ पाचन अंतःकोशिकीय (intracellular) होता है।
$\rightarrow$ शरीर का आधार एक कंकाल द्वारा बना होता है जो कंटिकाओं (spicules) या स्पंजिन तंतुओं (spongin fibres) से निर्मित होता है।
$\rightarrow$ ये उभयलिंगी (hermaphrodite) होते हैं (नर और मादा अलग नहीं होते), और इनमें जनन अलैंगिक (विखंडन द्वारा) और लैंगिक (युग्मकों के निर्माण द्वारा) दोनों विधियों से होता है।