(N/A) $\Rightarrow$ हार्टवुड (Heartwood): पुराने वृक्षों में,द्वितीयक जाइलम का अधिकांश भाग गहरे भूरे रंग का होता है,जिसका कारण तने के केंद्रीय या सबसे भीतरी परतों में टैनिन,रेजिन,तेल,गोंद,सुगंधित पदार्थों और आवश्यक तेलों जैसे कार्बनिक यौगिकों का जमाव है। ये पदार्थ इसे कठोर,टिकाऊ और सूक्ष्मजीवों तथा कीटों के हमलों के प्रति प्रतिरोधी बनाते हैं। इस क्षेत्र में अत्यधिक लिग्निनयुक्त कोशिका भित्ति वाले मृत तत्व होते हैं और इसे हार्टवुड कहा जाता है। हार्टवुड पानी का संचालन नहीं करता है लेकिन यह वृक्ष को यांत्रिक सहारा प्रदान करता है।
$\Rightarrow$ सैपवुड (Sapwood): द्वितीयक जाइलम का परिधीय क्षेत्र हल्के रंग का होता है और इसे सैपवुड कहा जाता है। यह जड़ से पत्तियों तक पानी और खनिजों के संचालन में शामिल होता है।