(N/A) Linear Combination of Atomic Orbitals $(LCAO)$ विधि के अनुसार,दो $2p_{z}$ परमाणु कक्षक अतिव्यापन करके दो आणविक कक्षक $(MO)$ बनाते हैं: एक आबंधी आणविक कक्षक $(BMO)$ और एक विपरीत आबंधी आणविक कक्षक $(ABMO)$।
$1$. ऊर्जा स्तर आरेख:
- $2p_{z}$ परमाणु कक्षक $(AO)$ मिलकर कम ऊर्जा वाला आबंधी कक्षक $\sigma 2p_{z}$ और उच्च ऊर्जा वाला विपरीत आबंधी कक्षक $\sigma^{*} 2p_{z}$ बनाते हैं।
- ऊर्जा का क्रम: $\sigma 2p_{z} < 2p_{z} < \sigma^{*} 2p_{z}$।
$2$. कक्षकों के आरेख:
- आबंधी $(\sigma 2p_{z})$: तरंग फलनों के रचनात्मक व्यतिकरण (योग) द्वारा बनता है,जिसके परिणामस्वरूप नाभिकों के बीच इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ जाता है।
- विपरीत आबंधी $(\sigma^{*} 2p_{z})$: तरंग फलनों के विनाशी व्यतिकरण (घटाव) द्वारा बनता है,जिसके परिणामस्वरूप नाभिकों के बीच एक नोडल तल बनता है जहाँ इलेक्ट्रॉन घनत्व शून्य होता है।