(N/A) एल्डिहाइड और कीटोन यौगिक निम्नलिखित प्रकार की अभिक्रियाएं देते हैं:
$(a)$ नाभिकरागी (Nucleophilic) योग और नाभिकरागी योग-विलोपन अभिक्रियाएं:
$(i)$ हाइड्रोजन सायनाइड $(HCN)$ का योग।
$(ii)$ सोडियम हाइड्रोजन सल्फाइट $(NaHSO_3)$ का योग।
$(iii)$ ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(RMgX)$ का योग।
$(iv)$ अल्कोहल का योग जिससे हेमीएसीटल,एसीटल और कीटाल बनते हैं।
$(v)$ अमोनिया और उसके व्युत्पन्नों का योग।
$(b)$ अपचयन (Reduction) अभिक्रियाएं:
$(i)$ $LiAlH_4$,$NaBH_4$ या उत्प्रेरकीय हाइड्रोजनीकरण द्वारा अल्कोहल में अपचयन।
$(ii)$ क्लेमेंसन अपचयन द्वारा हाइड्रोकार्बन बनाने की अभिक्रिया।
$(c)$ ऑक्सीकरण अभिक्रियाएं:
$(i)$ $HNO_3$,$KMnO_4$ और $K_2Cr_2O_7$ का उपयोग करके कार्बोक्सिलिक एसिड बनाने की अभिक्रिया।
$(ii)$ टॉलेन परीक्षण: (केवल एल्डिहाइड के लिए)।
$(iii)$ फेहलिंग परीक्षण: (केवल एलिफैटिक एल्डिहाइड के लिए)।
$(iv)$ हेलोफॉर्म परीक्षण: $CH_3CH(OH)-$ और $CH_3CO-$ समूह वाले यौगिकों के लिए।
$(d)$ $\alpha$-हाइड्रोजन के कारण होने वाली अभिक्रियाएं:
$(i)$ एल्डोल संघनन अभिक्रिया।
$(ii)$ क्रॉस एल्डोल संघनन अभिक्रिया।
$(e)$ अन्य अभिक्रियाएं:
$(i)$ कैनिजारो अभिक्रिया।
$(ii)$ इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया।