(N/A) आनुवंशिकता: यह माता-पिता से अगली पीढ़ी में लक्षणों के संचरण की प्रक्रिया है।
विभिन्नता: उत्परिवर्तन (mutations),पुनर्संयोजन या पर्यावरणीय कारकों के कारण जीव के $DNA$ में होने वाले परिवर्तन।
$(b)$ प्रभावी: वह लक्षण जो विपरीत लक्षण की उपस्थिति में भी खुद को व्यक्त करने में सक्षम होता है। यह $F_{1}$ पीढ़ी की सभी संतानों में दिखाई देता है।
अप्रभावी: वह लक्षण जो केवल समयुग्मजी स्थिति में ही खुद को व्यक्त कर सकता है। यह $F_{1}$ पीढ़ी में दिखाई नहीं देता है।
$(c)$ प्राकृतिक चयन: यह एक क्रमिक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा जैविक लक्षण उत्तरजीविता लाभ के आधार पर आबादी में अधिक या कम सामान्य हो जाते हैं। उदाहरण: हरी पत्तियों में लाल भृंगों की तुलना में हरे भृंगों का बेहतर जीवित रहना।
कृत्रिम चयन: यह मनुष्यों द्वारा संचालित प्रक्रिया है जिसमें वांछनीय लक्षणों वाले जीवों का चयन करके पौधों और जानवरों में बड़े बदलाव लाए जाते हैं। उदाहरण: जंगली गोभी की किस्म से ब्रोकोली,फूलगोभी और केल जैसी विभिन्न सब्जियां विकसित करना।