(N/A) $(i)$ एसीटोन का $2-$हाइड्रॉक्सी$-2-$मेथिलप्रोपेनोइक अम्ल में रूपांतरण:
एसीटोन $(CH_3COCH_3)$,$OH^-$ की उपस्थिति में $HCN$ के साथ अभिक्रिया करके एसीटोन सायनोहाइड्रिन बनाता है। इस सायनोहाइड्रिन का $H_2O/H^+$ के साथ जल-अपघटन करने पर $2-$हाइड्रॉक्सी$-2-$मेथिलप्रोपेनोइक अम्ल प्राप्त होता है।
$CH_3COCH_3 + HCN$ $\xrightarrow{OH^-} CH_3C(OH)(CN)CH_3$ $\xrightarrow{H_3O^+} CH_3C(OH)(COOH)CH_3$
$(ii)$ एथेनॉल का एथेन में रूपांतरण:
एथेनॉल $(CH_3CH_2OH)$ का पहले $PCC$ या $Cu/573K$ का उपयोग करके एथेनल $(CH_3CHO)$ में ऑक्सीकरण किया जाता है। इसके बाद,एथेनल का हाइड्राजीन $(NH_2NH_2)$ और एथिलीन ग्लाइकॉल में $KOH$ का उपयोग करके वोल्फ-किशनर अपचयन करने पर एथेन $(CH_3CH_3)$ प्राप्त होता है।
$CH_3CH_2OH$ $\xrightarrow{[O]} CH_3CHO$ $\xrightarrow{NH_2NH_2, KOH, \Delta} CH_3CH_3$