(N/A) ऊर्जा सूर्य से पारिस्थितिक तंत्र में प्रवेश करती है। सौर विकिरण वायुमंडल से होकर गुजरते हैं और पृथ्वी की सतह द्वारा अवशोषित होते हैं। ये विकिरण पौधों को प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया करने में मदद करते हैं।
साथ ही,वे जीवित जीवों के अस्तित्व के लिए पृथ्वी के तापमान को बनाए रखने में मदद करते हैं।
कुछ सौर विकिरण पृथ्वी की सतह से परावर्तित हो जाते हैं। प्रकाश संश्लेषण के दौरान हरे पौधों (उत्पादकों) द्वारा केवल $2-10 \%$ सौर ऊर्जा ही ग्रहण की जाती है,जिसे भोजन में परिवर्तित किया जाता है।
प्रकाश संश्लेषण के दौरान पौधों द्वारा जिस दर पर बायोमास (biomass) का उत्पादन होता है,उसे 'सकल प्राथमिक उत्पादकता' (gross primary productivity) कहा जाता है।
जब इन हरे पौधों को शाकाहारियों द्वारा खाया जाता है,तो उत्पादकों से संचित ऊर्जा का केवल $10 \%$ ही शाकाहारियों में स्थानांतरित होता है। इस ऊर्जा का शेष $90 \%$ भाग पौधों द्वारा श्वसन,वृद्धि और प्रजनन जैसी विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए उपयोग किया जाता है।
इसी तरह,शाकाहारियों की ऊर्जा का केवल $10 \%$ ही मांसाहारियों में स्थानांतरित होता है। इसे ऊर्जा प्रवाह का दस प्रतिशत का नियम (ten percent law) कहा जाता है।