(N/A) किसी तत्व के सभी समस्थानिकों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास समान होता है,जिसका अर्थ है कि उनकी संयोजी कक्षा में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है। चूंकि रासायनिक गुण संयोजी इलेक्ट्रॉनों द्वारा निर्धारित होते हैं,इसलिए किसी तत्व के सभी समस्थानिक समान रासायनिक गुण प्रदर्शित करते हैं।
$(b)$ किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान उसके प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले समस्थानिकों के द्रव्यमान का भारित औसत होता है। चूंकि इन समस्थानिकों के द्रव्यमान अलग-अलग होते हैं और वे प्रकृति में विशिष्ट प्रचुरता में पाए जाते हैं,इसलिए परिणामी औसत परमाणु द्रव्यमान अक्सर भिन्नों में होता है।
$(c)$ परमाणु निकटतम अक्रिय गैस (noble gas) के समान स्थिर इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करने के लिए (अष्टक या द्विक नियम) अन्य परमाणुओं के साथ जुड़ते हैं,जिससे उनकी स्थितिज ऊर्जा कम हो जाती है और वे अधिक स्थिर हो जाते हैं।