(N/A) फाइकोमाइसेटीस: इसमें $Rhizopus$,$Albugo$ आदि सदस्य शामिल हैं।
$(i)$ पोषण की विधि: ये पौधों पर अविकल्पी परजीवी या सड़े-गले पदार्थों पर मृतोपजीवी के रूप में पाए जाते हैं।
$(ii)$ प्रजनन की विधि: अलैंगिक प्रजनन चल बीजाणुओं (zoospores) या अचल बीजाणुओं (aplanospores) द्वारा होता है जो बीजाणुधानी में अंतर्जात रूप से उत्पन्न होते हैं। लैंगिक प्रजनन समयुग्मकी,असमयुग्मकी या विषमयुग्मकी प्रकार का होता है,जिसके परिणामस्वरूप मोटी भित्ति वाले जाइगोस्पोर बनते हैं।
$(B)$ एस्कोमाइसेटीस: इसमें $Penicillium$,$Aspergillus$,$Claviceps$ और $Neurospora$ जैसे सदस्य शामिल हैं।
$(i)$ पोषण की विधि: ये मृतोपजीवी,अपघटक,परजीवी या गोबर पर उगने वाले (coprophilous) होते हैं।
$(ii)$ प्रजनन की विधि: अलैंगिक प्रजनन कोनिडिया द्वारा होता है। लैंगिक प्रजनन एस्कोस्पोर द्वारा होता है जो थैली जैसी एस्काई में अंतर्जात रूप से उत्पन्न होते हैं और एस्कोकार्प के भीतर व्यवस्थित होते हैं।
$(C)$ बेसिडिओमाइसेटीस: इसमें $Ustilago$,$Agaricus$ और $Puccinia$ जैसे सदस्य शामिल हैं।
$(i)$ पोषण की विधि: ये मिट्टी में या लकड़ी के लट्ठों पर अपघटक के रूप में उगते हैं,या पौधों में रस्ट और स्मट जैसे रोग पैदा करने वाले परजीवी के रूप में पाए जाते हैं।
$(ii)$ प्रजनन की विधि: अलैंगिक प्रजनन आमतौर पर विखंडन द्वारा होता है; अलैंगिक बीजाणु अनुपस्थित होते हैं। लैंगिक प्रजनन में प्लाज्मोगैमी (दो अलग-अलग प्रकार के कवक तंतुओं का संलयन) शामिल है,जो एक डाइकैरियोन बनाता है जिससे बेसिडियम उत्पन्न होता है,जिसमें चार बेसिडिओस्पोर बनते हैं।
$(D)$ ड्यूटेरोमाइसेटीस: इसमें $Alternaria$,$Trichoderma$ और $Colletotrichum$ जैसे सदस्य शामिल हैं।
$(i)$ पोषण की विधि: ये मृतोपजीवी,परजीवी या पत्तियों के कचरे के अपघटक होते हैं।
$(ii)$ प्रजनन की विधि: अलैंगिक प्रजनन केवल कोनिडिया द्वारा होता है। लैंगिक प्रजनन अनुपस्थित होता है।