(N/A) यह सिद्ध करने के लिए कि अभिक्रिया $H_2O_{(s)} + F_{2(g)} \to HF_{(g)} + HOF_{(g)}$ एक रेडॉक्स अभिक्रिया है,हम प्रत्येक परमाणु की ऑक्सीकरण संख्या निर्धारित करते हैं:
$1$. $H_2O_{(s)}$ में,$H$ की ऑक्सीकरण संख्या $+1$ और $O$ की $-2$ है।
$2$. $F_{2(g)}$ में,$F$ की ऑक्सीकरण संख्या $0$ है।
$3$. $HF_{(g)}$ में,$H$ की ऑक्सीकरण संख्या $+1$ और $F$ की $-1$ है।
$4$. $HOF_{(g)}$ में,$H$ की ऑक्सीकरण संख्या $+1$,$O$ की $-2$ और $F$ की $+1$ है।
विश्लेषण:
- $F$ की ऑक्सीकरण संख्या $0$ ($F_2$ में) से घटकर $-1$ ($HF$ में) हो जाती है,जो अपचयन (reduction) है।
- $F$ की ऑक्सीकरण संख्या $0$ ($F_2$ में) से बढ़कर $+1$ ($HOF$ में) हो जाती है,जो ऑक्सीकरण (oxidation) है।
चूंकि एक ही तत्व $(F)$ का एक साथ ऑक्सीकरण और अपचयन हो रहा है,इसलिए यह एक असमानुपातन (disproportionation) रेडॉक्स अभिक्रिया है।