(N/A) जल संचयन की पारंपरिक प्रणालियाँ प्राचीन तकनीकें हैं जिनका उपयोग भविष्य में उपयोग के लिए वर्षा जल को इकट्ठा करने और संग्रहीत करने के लिए किया जाता है। कई क्षेत्रों में, सामान्य पारंपरिक प्रणालियों में निम्नलिखित शामिल हैं:
$1$. $\text{टांका}$ (या $\text{टैंक}$): वर्षा जल को संग्रहीत करने के लिए उपयोग की जाने वाली छोटी, भूमिगत संरचनाएँ।
$2$. $\text{खादीन}$ और $\text{जोहड़}$: शुष्क क्षेत्रों में बहते पानी को पकड़ने के लिए डिज़ाइन की गई संरचनाएँ।
$3$. $\text{बावड़ी}$ (या $\text{स्टेपवेल}$): गहरे कुएँ जिनमें पानी के स्तर तक जाने के लिए सीढ़ियाँ होती हैं।
$4$. $\text{एरी}$ (या $\text{तालाब}$): सिंचाई के लिए उपयोग किए जाने वाले बड़े मानव निर्मित जलाशय।
ये प्रणालियाँ टिकाऊ हैं और भूजल स्तर को रिचार्ज करने में मदद करती हैं।