(N/A) धनायन $(cation)$ की त्रिज्या: जब एक परमाणु इलेक्ट्रॉन खोता है, तो वह धनायन बनाता है। धनायन का आकार उसके मूल परमाणु से छोटा होता है।
इसका कारण यह है कि धनायन में मूल परमाणु की तुलना में कम इलेक्ट्रॉन होते हैं, जबकि नाभिकीय आवेश समान रहता है। परिणामस्वरूप, शेष इलेक्ट्रॉनों पर नाभिक का आकर्षण बल बढ़ जाता है, जिससे आकार छोटा हो जाता है।
उदाहरण: सोडियम परमाणु की त्रिज्या $186 \ pm$ है, जबकि $Na^{+}$ आयन की त्रिज्या $95 \ pm$ है।
ऋणायन $(anion)$ की त्रिज्या: जब एक परमाणु इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है, तो वह ऋणायन बन जाता है। ऋणायन का आकार उसके मूल परमाणु से बड़ा होता है।
इसका कारण यह है कि जब एक या अधिक इलेक्ट्रॉन जोड़े जाते हैं, तो इलेक्ट्रॉनों के बीच प्रतिकर्षण बढ़ जाता है और प्रति इलेक्ट्रॉन प्रभावी नाभिकीय आवेश कम हो जाता है, जिससे इलेक्ट्रॉन बादल का विस्तार होता है।
उदाहरण: फ्लोरीन परमाणु की त्रिज्या $95 \ pm$ है, जबकि फ्लोराइड आयन $(F^{-})$ की त्रिज्या $136 \ pm$ है।