(N/A) चित्र $(a)$ में दिखाए अनुसार $q_{1}$ और $q_{2}$ के स्थिति सदिश क्रमशः $\vec{r}_{1}$ और $\vec{r}_{2}$ हैं।
मान लीजिए $q_{2}$ द्वारा $q_{1}$ पर लगने वाला बल $\vec{F}_{12}$ है और $q_{1}$ द्वारा $q_{2}$ पर लगने वाला बल $\vec{F}_{21}$ है।
$q_{1}$ से $q_{2}$ का विस्थापन सदिश $\vec{r}_{21} = \vec{r}_{2} - \vec{r}_{1}$ है,और $q_{2}$ से $q_{1}$ का विस्थापन सदिश $\vec{r}_{12} = \vec{r}_{1} - \vec{r}_{2} = -\vec{r}_{21}$ है।
इकाई सदिश $\hat{r}_{21} = \frac{\vec{r}_{21}}{|\vec{r}_{21}|}$ और $\hat{r}_{12} = \frac{\vec{r}_{12}}{|\vec{r}_{12}|}$ हैं।
सदिश रूप में कूलम्ब के नियम के अनुसार:
$q_{1}$ द्वारा $q_{2}$ पर लगने वाला बल $\vec{F}_{21} = \frac{1}{4 \pi \epsilon_{0}} \frac{q_{1} q_{2}}{r_{21}^{2}} \hat{r}_{21}$ है।
$q_{2}$ द्वारा $q_{1}$ पर लगने वाला बल $\vec{F}_{12} = \frac{1}{4 \pi \epsilon_{0}} \frac{q_{1} q_{2}}{r_{12}^{2}} \hat{r}_{12}$ है।
चूंकि $\hat{r}_{12} = -\hat{r}_{21}$ और $r_{12} = r_{21}$,इसलिए $\vec{F}_{21} = -\vec{F}_{12}$ प्राप्त होता है।
महत्व और महत्वपूर्ण बिंदु:
$1$. यह दर्शाता है कि स्थिर-वैद्युत बल न्यूटन के गति के तीसरे नियम का पालन करता है।
$2$. यह इंगित करता है कि बल दोनों आवेशों को जोड़ने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करता है (केंद्रीय बल)।
$3$. यह बल के परिमाण और दिशा दोनों को ध्यान में रखता है।