(N/A) जब सल्फर युक्त जीवाश्म ईंधन जलाया जाता है,तो सल्फर के ऑक्साइड उत्पन्न होते हैं।
सबसे सामान्य प्रजाति सल्फर डाइऑक्साइड $(SO_2)$ है,जो जानवरों और पौधों दोनों के लिए जहरीली गैस है।
$SO_2$ की कम सांद्रता मनुष्यों में श्वसन संबंधी बीमारियों जैसे अस्थमा,ब्रोंकाइटिस और एम्फिसीमा का कारण बनती है। यह आंखों में जलन भी पैदा करती है,जिससे आंसू आते हैं और लालिमा हो जाती है।
$SO_2$ की उच्च सांद्रता फूलों की कलियों में कठोरता पैदा करती है,जो अंततः पौधों से गिर जाती हैं।
$SO_2$ का उत्प्रेरक रहित ऑक्सीकरण धीमा होता है। हालांकि,प्रदूषित हवा में मौजूद कण पदार्थ (particulate matter) $SO_2$ के सल्फर ट्राइऑक्साइड $(SO_3)$ में ऑक्सीकरण को उत्प्रेरित करते हैं:
$2SO_{2(g)} + O_{2(g)} \rightarrow 2SO_{3(g)}$
यह अभिक्रिया ओजोन $(O_3)$ और हाइड्रोजन पेरोक्साइड $(H_2O_2)$ द्वारा भी बढ़ाई जा सकती है:
$SO_{2(g)} + O_{3(g)} \rightarrow SO_{3(g)} + O_{2(g)}$
$SO_{2(g)} + H_2O_{2(l)} \rightarrow H_2SO_{4(aq)}$