(N/A) $(1)$ शुक्राणुप्रसू (Spermatid): ये शुक्राणुजनन की परिपक्वन अवस्था के दौरान अर्धसूत्री विभाजन-$II$ के अंत में उत्पन्न होने वाली अगुणित कोशिकाएं हैं।
शुक्राणु (Spermatozoa): शुक्राणुप्रसू से शुक्राणु-कायांतरण (spermiogenesis) की प्रक्रिया द्वारा बनने वाली गतिशील और परिपक्व नर युग्मक कोशिकाओं को शुक्राणु कहा जाता है।
$(2)$ प्रथम ध्रुवीय काय (First polar body): अंडजनन की परिपक्वन अवस्था के दौरान,प्राथमिक अंडक में असमान प्रथम अर्धसूत्री विभाजन होता है,जिसके परिणामस्वरूप एक बड़ा द्वितीयक अंडक और एक छोटा प्रथम ध्रुवीय काय बनता है।
द्वितीय ध्रुवीय काय (Second polar body): अंडजनन की परिपक्वन अवस्था के दौरान,द्वितीयक अंडक में अर्धसूत्री विभाजन-$2$ के पूर्ण होने से एक परिपक्व अंडाणु और एक छोटा द्वितीय ध्रुवीय काय उत्पन्न होता है।