(N/A) यह कथन दर्शाता है कि संक्रमण का स्थान हमेशा रोगजनक के प्रवेश बिंदु द्वारा निर्धारित नहीं होता है। रोगजनक अक्सर विशिष्ट लक्षित अंगों तक पहुँचने के लिए शरीर में यात्रा करते हैं।
उदाहरण:
$(a)$ $AIDS$ फैलाने वाला वायरस: यौन संपर्क या रक्त आधान के माध्यम से प्रवेश करता है,लेकिन पूरे शरीर में लिम्फ नोड्स (लसिका ग्रंथियों) तक फैल जाता है।
$(b)$ जापानी एन्सेफलाइटिस: वायरस मच्छर के काटने से रक्त में प्रवेश करता है लेकिन विशेष रूप से मस्तिष्क को लक्षित करता है और वहां तक पहुँचता है।
$(c)$ मलेरिया: प्रोटोजोआ $Plasmodium$ मच्छर के काटने से रक्त में प्रवेश करता है,यकृत (liver) तक जाता है और फिर $RBCs$ (लाल रक्त कोशिकाओं) को संक्रमित करता है।