(N/A) फ्रांसिस क्रिक ने आणविक जीव विज्ञान में 'सेंट्रल डोग्मा' (Central Dogma) प्रस्तावित किया, जो बताता है कि आनुवंशिक सूचना का प्रवाह $DNA \rightarrow RNA \rightarrow \text{Protein}$ की दिशा में होता है।
फ्रेडरिक ग्रिफिथ ने $Streptococcus \text{ } pneumoniae$ बैक्टीरिया के साथ अपने प्रयोग में निष्कर्ष निकाला कि $R$-स्ट्रेन बैक्टीरिया का रूपांतरण (transformation) ऊष्मा-मृत $S$-स्ट्रेन बैक्टीरिया द्वारा हुआ था। उन्होंने सुझाव दिया कि ऊष्मा-मृत $S$-स्ट्रेन से कोई 'रूपांतरण सिद्धांत' (transforming principle) $R$-स्ट्रेन में स्थानांतरित हुआ, जिसने $R$-स्ट्रेन को एक चिकना पॉलीसैकेराइड आवरण संश्लेषित करने और रोगजनक (virulent) बनने में सक्षम बनाया।