(N/A) अभिक्रिया की दर एक विशिष्ट समय अंतराल में अभिकारकों या उत्पादों की सांद्रता में परिवर्तन पर निर्भर करती है। इसे निम्नलिखित ग्राफ द्वारा दर्शाया गया है:
| विशेषता | अभिकारक सांद्रता बनाम समय | उत्पाद सांद्रता बनाम समय |
| :--- | :--- | :--- |
| औसत दर $(R_{av})$ | $R_{av} = -\frac{\Delta[R]}{\Delta t} = -\frac{[R_2] - [R_1]}{t_2 - t_1}$ | $R_{av} = \frac{\Delta[P]}{\Delta t} = \frac{[P_2] - [P_1]}{t_2 - t_1}$ |
| सांद्रता प्रवृत्ति | समय के साथ घटती है | समय के साथ बढ़ती है |
| ढाल | ऋणात्मक | धनात्मक |
| प्रारंभिक स्थिति | अंतःखंड = $[R]_0$ (अधिकतम) | अंतःखंड = $0$ (शून्य) |
जैसा कि ग्राफ में दिखाया गया है,अभिक्रिया की दर किसी भी समय $t$ पर वक्र के स्पर्शरेखा की ढाल द्वारा निर्धारित की जाती है $(r_{inst} = \pm \frac{d[concentration]}{dt})$。