(N/A) अंतःश्वसन या निश्वसन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा वायुमंडलीय हवा को फेफड़ों में खींचा जाता है।
यह डायाफ्राम के संकुचन द्वारा शुरू होता है,जो वक्ष गुहा (thoracic chamber) के आयतन को अग्र-पश्च (anteroposterior) अक्ष में बढ़ाता है।
बाह्य अंतरपर्शुक पेशियों (external intercostal muscles) के संकुचन से पसलियाँ और उरोस्थि (sternum) ऊपर की ओर उठते हैं,जिससे वक्ष गुहा का आयतन पृष्ठीय-अधरीय (dorsoventral) अक्ष में बढ़ जाता है।
वक्षीय आयतन में कुल वृद्धि फेफड़ों के आयतन में समान वृद्धि की ओर ले जाती है।
फेफड़ों के आयतन में वृद्धि होने से फेफड़ों के भीतर का दबाव (intra-pulmonary pressure) वायुमंडलीय दबाव से कम हो जाता है,जो बाहर की हवा को फेफड़ों के अंदर आने के लिए मजबूर करता है,जिसे अंतःश्वसन कहते हैं।