(N/A) जब सिलिकॉन को कॉपर उत्प्रेरक की उपस्थिति में $573 \ K$ के उच्च तापमान पर मिथाइल क्लोराइड के साथ गर्म किया जाता है,तो $MeSiCl_3$,$Me_2SiCl_2$,$Me_3SiCl$ और $Me_4Si$ जैसे मिथाइल-प्रतिस्थापित क्लोरोसिलेन का मिश्रण बनता है।
$(b)$ सिलिकॉन डाइऑक्साइड हाइड्रोजन फ्लोराइड के साथ अभिक्रिया करके सिलिकॉन टेट्राफ्लोराइड बनाता है,जो अतिरिक्त $HF$ के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोफ्लोरोसिलिसिक अम्ल बनाता है:
$SiO_2 + 4HF \rightarrow SiF_4 + 2H_2O$
$SiF_4 + 2HF \rightarrow H_2SiF_6$
$(c)$ कार्बन मोनोऑक्साइड एक अपचायक के रूप में कार्य करता है और गर्म करने पर जिंक ऑक्साइड को जिंक धातु में अपचयित कर देता है:
$CO + ZnO \xrightarrow{\Delta} CO_2 + Zn$
$(d)$ जलयोजित एल्युमिना जलीय $NaOH$ विलयन में घुलकर सोडियम मेटा-एल्युमिनेट बनाता है:
$Al_2O_3 \cdot 2H_2O + 2NaOH \rightarrow 2NaAlO_2 + 3H_2O$