(N/A) आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर सामान्यतः प्रथम आयनन एन्थैल्पी बढ़ती है,जिसका मुख्य कारण प्रभावी नाभिकीय आवेश में वृद्धि और परमाणु त्रिज्या में कमी है।
हालाँकि,इस प्रवृत्ति में कुछ विचलन देखे जाते हैं:
$1$. $Be$ $(1s^2 2s^2)$ की आयनन एन्थैल्पी $B$ $(1s^2 2s^2 2p^1)$ से अधिक है। इसका कारण यह है कि $Be$ में $2s$ कक्षक पूर्णतः भरा हुआ है,जो अधिक स्थायी है,इसलिए $B$ के $2p$ इलेक्ट्रॉन की तुलना में $Be$ से इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
$2$. $N$ $(1s^2 2s^2 2p^3)$ की आयनन एन्थैल्पी $O$ $(1s^2 2s^2 2p^4)$ से अधिक है। इसका कारण यह है कि $N$ में $2p$ उपकोष अर्ध-पूर्ण भरा हुआ है,जो अतिरिक्त स्थिरता प्रदान करता है। $O$ में,एक इलेक्ट्रॉन निकालने पर यह अधिक स्थायी अर्ध-पूर्ण $p$-कक्षक विन्यास प्राप्त करता है,इसलिए $N$ की तुलना में $O$ से इलेक्ट्रॉन निकालना आसान है।