(N/A) $\rightarrow$ मेंढकों में सुव्यवस्थित नर और मादा प्रजनन तंत्र होते हैं।
$(a)$ नर प्रजनन तंत्र: नर प्रजनन तंत्र में एक जोड़ी पीले रंग के अंडाकार वृषण (testes) होते हैं जो मेसोरकियम नामक पेरिटोनियम की दोहरी परत द्वारा वृक्क (kidneys) के ऊपरी भाग से जुड़े होते हैं।
$\rightarrow$ शुक्रवाहिकाएं (Vasa efferentia) संख्या में $10-12$ होती हैं जो वृषण से निकलती हैं। वे वृक्क में प्रवेश करती हैं और बिडर की नलिका (Bidder's canal) में खुलती हैं।
$\rightarrow$ अब मूत्रवाहिनी को मूत्रजनन वाहिनी (urinogenital duct) के रूप में जाना जाता है। यह वृक्क से बाहर निकलती है और अवस्कर (cloaca) में खुलती है।
$\rightarrow$ अवस्कर एक छोटा मध्य कक्ष है जिसका उपयोग मल,मूत्र और शुक्राणुओं को बाहर निकालने के लिए किया जाता है।
$(b)$ मादा प्रजनन तंत्र: मादा प्रजनन अंगों में एक जोड़ी अंडाशय (ovaries) शामिल हैं जो वृक्क के पास स्थित होते हैं,और इनका वृक्क के साथ कोई कार्यात्मक संबंध नहीं होता है।
$\rightarrow$ अंडाशय से निकलने वाली अंडवाहिनी (oviduct) की एक जोड़ी अलग-अलग अवस्कर में खुलती है।
$\rightarrow$ एक परिपक्व मादा एक बार में $2500$ से $3000$ अंडे दे सकती है।
$\rightarrow$ निषेचन बाह्य होता है और पानी में होता है।
$\rightarrow$ विकास में टैडपोल नामक एक लार्वा अवस्था शामिल होती है। टैडपोल कायांतरण (metamorphosis) के माध्यम से वयस्क में बदल जाता है।