(N/A) प्रजनन एक जैविक प्रक्रिया है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में आनुवंशिक सामग्री को स्थानांतरित करके प्रजातियों की निरंतरता सुनिश्चित करती है। इस प्रक्रिया में,एक कोशिका की आनुवंशिक सामग्री दोगुनी हो जाती है और स्थानांतरित हो जाती है।
मनुष्य लैंगिक रूप से प्रजनन करने वाले और सजीवप्रजक (viviparous) जीव हैं। मनुष्यों में प्रजनन घटनाओं में युग्मकों का निर्माण (gametogenesis) शामिल है। शुक्राणुओं को मादा जनन मार्ग में स्थानांतरित करने को वीर्यसेचन (insemination) कहा जाता है। नर और मादा युग्मकों के संलयन को निषेचन (fertilization) कहा जाता है,जिससे युग्मनज (zygote) का निर्माण होता है।
निषेचन के बाद,युग्मनज विभाजित होकर ब्लास्टोसिस्ट बनाता है,जो गर्भाशय की दीवार से जुड़ जाता है (implantation)। इसके बाद भ्रूणीय विकास (gestation) और शिशु का जन्म (parturition) होता है।
ये प्रजनन घटनाएं यौवन (puberty) के बाद होती हैं। नर और मादा में प्रजनन घटनाओं के बीच महत्वपूर्ण अंतर है; उदाहरण के लिए,वृद्ध पुरुषों में भी शुक्राणु निर्माण जारी रहता है,जबकि महिलाओं में लगभग $50$ वर्ष की आयु में अंडों का निर्माण (oogenesis) बंद हो जाता है।