(N/A) क्लीमेन्सन अपचयन अभिक्रिया में,एल्डिहाइड और कीटोन के कार्बोनिल समूह $(>C=O)$ को जिंक अमलगम $(Zn-Hg)$ और सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल $(HCl)$ के साथ उपचारित करने पर मेथिलीन समूह $(-CH_{2}-)$ में अपचयित किया जाता है।
सामान्य अभिक्रिया:
$>C=O + 4[H] \xrightarrow{Zn-Hg, \text{Conc. } HCl} >CH_{2} + H_{2}O$
उदाहरण:
$(i)$ $CH_{3}CHO + 4[H] \xrightarrow{Zn-Hg, \text{Conc. } HCl} CH_{3}CH_{3} + H_{2}O$ (एथेनल से एथेन)
(ii) $CH_{3}COCH_{3} + 4[H] \xrightarrow{Zn-Hg, \text{Conc. } HCl} CH_{3}CH_{2}CH_{3} + H_{2}O$ (प्रोपेनोन से प्रोपेन)
(iii) $C_{6}H_{5}COCH_{3} + 4[H] \xrightarrow{Zn-Hg, \text{Conc. } HCl} C_{6}H_{5}CH_{2}CH_{3} + H_{2}O$ (एसिटोफिनोन से एथिलबेन्जीन)