(N/A) अम्लीय बफर विलयन एक दुर्बल अम्ल $(HA)$ और एक प्रबल क्षार के साथ उसके लवण $(A^-)$ को मिलाकर तैयार किया जाता है।
विलयन का $pH$ हेंडरसन-हैसेलबैक समीकरण द्वारा निर्धारित किया जाता है:
$pH = pK_{a} + \log \frac{[Salt]}{[Acid]}$
यदि दुर्बल अम्ल और उसके संयुग्मी क्षार (लवण) की सांद्रता समान है,अर्थात $[HA] = [A^-]$,तो:
$pH = pK_{a} + \log(1) = pK_{a} + 0 = pK_{a}$.
इसलिए,वांछित $pH$ वाला बफर तैयार करने के लिए,ऐसा दुर्बल अम्ल चुनना चाहिए जिसका $pK_{a}$ मान लक्ष्य $pH$ के करीब हो।
उदाहरण: एसिटिक एसिड $(CH_3COOH)$ का $pK_{a}$ मान $4.76$ है। एसिटिक एसिड और सोडियम एसीटेट $(CH_3COONa)$ की समान मोलर सांद्रता को मिलाकर तैयार किए गए बफर विलयन का $pH$ लगभग $4.76$ के बराबर होगा।