(N/A) $(i)$ अनुचुंबकत्व: जिन पदार्थों में एक या अधिक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते हैं,वे बाह्य चुंबकीय क्षेत्र द्वारा दुर्बल रूप से आकर्षित होते हैं। ये पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में चुंबकित हो जाते हैं और क्षेत्र हटा लेने पर अपना चुंबकत्व खो देते हैं। उदाहरण: $O_2, Cu^{2+}, Fe^{3+}, Cr^{3+}$.
$(ii)$ प्रतिचुंबकत्व: जिन पदार्थों में सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित होते हैं (पूर्णतः भरी हुई कक्षक),वे बाह्य चुंबकीय क्षेत्र द्वारा दुर्बल रूप से प्रतिकर्षित होते हैं। ये लगाए गए चुंबकीय क्षेत्र की विपरीत दिशा में दुर्बल रूप से चुंबकित होते हैं। इलेक्ट्रॉनों का युग्मन उनके चुंबकीय आघूर्ण को निरस्त कर देता है। उदाहरण: $H_2O, NaCl, C_6H_6$.