(N/A) स्टीफन अपचयन अभिक्रिया द्वारा नाइट्राइल यौगिकों से एल्डिहाइड का निर्माण:
नाइट्राइल को हाइड्रोक्लोरिक अम्ल $(HCl)$ की उपस्थिति में स्टेनस क्लोराइड $(SnCl_2)$ के साथ अपचयित करके संगत इमीन प्राप्त किया जाता है,जिसका जल-अपघटन करने पर संगत एल्डिहाइड प्राप्त होता है। इस अभिक्रिया को स्टीफन अभिक्रिया कहते हैं।
$RC \equiv N + SnCl_2 + HCl$ $\rightarrow RCH = NH$ $\xrightarrow{H_3O^+} RCHO$
$(b)$ $DIBAL-H$ के साथ नाइट्राइल यौगिकों की अपचयन अभिक्रिया और उसके बाद जल-अपघटन द्वारा एल्डिहाइड का निर्माण:
नाइट्राइल को डाइआइसोब्यूटिल एल्युमीनियम हाइड्राइड $(DIBAL-H)$ द्वारा चयनात्मक रूप से अपचयित करके इमीन प्राप्त किया जाता है,जिसके बाद जल-अपघटन द्वारा एल्डिहाइड प्राप्त होते हैं:
$RC \equiv N \xrightarrow[(ii) H_2O]{(i) AlH(i-Bu)_2} RCHO$
$(c)$ नाइट्राइल यौगिकों से कीटोन का निर्माण:
कीटोन को नाइट्राइल की ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक $(R'MgX)$ के साथ अभिक्रिया और उसके बाद जल-अपघटन द्वारा तैयार किया जाता है।
$RCN + R'MgX$ $\rightarrow R-C(R')=NMgX$ $\xrightarrow{H_3O^+} R-C(=O)R' + NH_3 + Mg(OH)X$