(N/A) मूल अवस्था में कार्बन: $[He] \ 2s^{2} \ 2p^{2}$
उत्तेजित अवस्था में कार्बन: $[He] \ 2s^{1} \ 2p_{x}^{1} \ 2p_{y}^{1} \ 2p_{z}^{1}$
$sp^{2}$ संकरण में,उत्तेजित कार्बन परमाणु का एक अर्ध-भरित $2s$ कक्षक और दो $2p$ कक्षक मिलकर तीन $sp^{2}$ संकर कक्षक बनाते हैं। ये तीन $sp^{2}$ कक्षक समतलीय होते हैं और $120^{\circ}$ के कोण पर स्थित होते हैं। इस समतलीय व्यवस्था में,एक असंकरित $2p$ कक्षक तल के लंबवत रहता है।
तीन $sp^{2}$ कक्षक एक तल में त्रिभुज के कोनों पर $120^{\circ}$ के कोण पर व्यवस्थित होते हैं।
प्रत्येक कार्बन परमाणु का एक $sp^{2}$ कक्षक आपस में मिलकर $C-C$ सिग्मा बंध बनाता है। प्रत्येक कार्बन पर शेष दो $sp^{2}$ कक्षक हाइड्रोजन परमाणुओं के $1s$ कक्षक के साथ मिलकर चार $C-H$ सिग्मा बंध बनाते हैं। परिणामस्वरूप,दो कार्बन परमाणु और चार हाइड्रोजन परमाणु एक ही तल में होते हैं,जिससे एथीन एक समतलीय अणु बन जाता है।