(N/A) जीव स्तर पर पारिस्थितिकी अनिवार्य रूप से शारीरिक पारिस्थितिकी (physiological ecology) है,जो यह समझने का प्रयास करती है कि विभिन्न जीव अपने पर्यावरण के प्रति न केवल जीवित रहने के लिए,बल्कि प्रजनन के लिए भी कैसे अनुकूलित होते हैं।
पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर घूमना और उसकी धुरी का झुकाव तापमान की तीव्रता और अवधि में वार्षिक बदलाव का कारण बनता है,जिसके परिणामस्वरूप अलग-अलग ऋतुएँ होती हैं।
ये बदलाव और वर्षा (बारिश,बर्फ) में वार्षिक भिन्नता मिलकर प्रमुख बायोम (Biomes) के निर्माण का कारण बनते हैं,जैसे कि रेगिस्तान,घास के मैदान,उष्णकटिबंधीय वन,समशीतोष्ण वन,शंकुधारी वन और टुंड्रा,जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।
प्रत्येक बायोम के भीतर क्षेत्रीय और स्थानीय भिन्नताएँ विभिन्न प्रकार के आवासों के निर्माण की ओर ले जाती हैं।