(A) कशेरुकी (Vertebrata) जंतुओं को पाँच मुख्य वर्गों में वर्गीकृत किया गया है:
$(i)$ मत्स्य वर्ग (Pisces): इस वर्ग में $Scoliodon$,टूना,रोहू,शार्क आदि मछलियाँ शामिल हैं। ये जंतु जलीय होते हैं। इनमें पानी में रहने के लिए अनुकूलित विशेषताएँ जैसे धारा रेखीय शरीर,गति के लिए पूंछ और श्वसन के लिए गलफड़े (gills) होते हैं।
$(ii)$ उभयचर वर्ग (Amphibia): इसमें मेंढक,टोड और सैलामैंडर शामिल हैं। इनका जीवन दोहरा होता है। डिंभ (larval) अवस्था में ये गलफड़ों द्वारा श्वसन करते हैं,जबकि वयस्क अवस्था में श्वसन फेफड़ों या त्वचा द्वारा होता है। ये पानी में अंडे देते हैं।
$(iii)$ सरीसृप वर्ग (Reptilia): इसमें छिपकली,सांप और कछुए जैसे सरीसृप शामिल हैं। ये आमतौर पर जमीन पर रेंगकर चलते हैं। पानी की हानि को रोकने के लिए इनका शरीर शुष्क और शल्की त्वचा से ढका होता है और ये जमीन पर अंडे देते हैं।
$(iv)$ पक्षी वर्ग (Aves): इसमें गौरैया,कबूतर और कौवे जैसे सभी पक्षी शामिल हैं। अधिकांश में पंख होते हैं। इनके अग्रपाद उड़ने के लिए पंखों में रूपांतरित हो जाते हैं,जबकि पश्चपाद चलने और पकड़ने के लिए अनुकूलित होते हैं। ये अंडे देते हैं।
$(v)$ स्तनधारी वर्ग (Mammalia): इसमें वे जंतु शामिल हैं जिनमें अपने बच्चों को पोषण देने के लिए दुग्ध ग्रंथियाँ (mammary glands) होती हैं। कुछ अंडे देते हैं और कुछ सीधे बच्चों को जन्म देते हैं। इनकी त्वचा पर बाल होते हैं,साथ ही शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए पसीने की ग्रंथियाँ होती हैं।