(N/A) वाष्पोत्सर्जन पादप के वायवीय भागों,मुख्य रूप से पत्तियों से जल का जलवाष्प के रूप में बाहर निकलने की प्रक्रिया है।
वाष्पोत्सर्जन का महत्व:
$(i)$ शीतलन प्रभाव: वाष्पोत्सर्जन पादप की सतह को ठंडा रखने में मदद करता है,विशेष रूप से गर्म मौसम के दौरान,क्योंकि जल के वाष्पीकरण में ऊष्मा ऊर्जा का उपयोग होता है।
$(ii)$ जल और खनिजों का परिवहन: यह वाष्पोत्सर्जन खिंचाव (एक प्रकार का चूषण बल) उत्पन्न करता है,जो जड़ों से पत्तियों तक जल और घुले हुए खनिजों की ऊपर की ओर गति में मदद करता है।
$(iii)$ जल का वितरण: यह पूरे पादप शरीर में जल और आवश्यक पोषक तत्वों की निरंतर आपूर्ति और उचित वितरण सुनिश्चित करता है।
$(iv)$ स्फीति बनाए रखना: यह कोशिकाओं की स्फीति (turgidity) को बनाए रखने में मदद करता है,जो पादप के संरचनात्मक आधार और वृद्धि के लिए आवश्यक है।