(N/A) मीथेन $(CH_4)$ में,कार्बन का मूल अवस्था (ground state) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[He] \ 2s^2 \ 2p^2$ है। उत्तेजित अवस्था में,$2s$ कक्षक का एक इलेक्ट्रॉन $2p_z$ कक्षक में चला जाता है। इस उत्तेजना के लिए आवश्यक ऊर्जा बंध निर्माण के दौरान मुक्त होने वाली ऊर्जा द्वारा संतुलित हो जाती है।
कार्बन मूल अवस्था: $C: [He] \ 2s^2 \ 2p_x^1 \ 2p_y^1 \ 2p_z^0$
कार्बन उत्तेजित अवस्था: $C^*: [He] \ 2s^1 \ 2p_x^1 \ 2p_y^1 \ 2p_z^1$
उत्तेजित कार्बन परमाणु के चार परमाणु कक्षक $(2s, 2p_x, 2p_y, 2p_z)$ $sp^3$ संकरण से गुजरते हैं और चार समान $sp^3$ संकर कक्षक बनाते हैं।
ये चार $sp^3$ संकर कक्षक एक नियमित चतुष्फलक (tetrahedron) के चार कोनों की ओर निर्देशित होते हैं,जिनके बीच का कोण $109.5^{\circ}$ होता है।
इनमें से प्रत्येक $sp^3$ संकर कक्षक हाइड्रोजन परमाणु के $1s$ कक्षक के साथ अक्षीय रूप से अतिव्यापन (overlap) करके चार $C-H$ सिग्मा $(\sigma)$ बंध बनाता है।
परिणामस्वरूप,$CH_4$ अणु की ज्यामिति चतुष्फलकीय होती है और $H-C-H$ बंध कोण $109.5^{\circ}$ होता है।