(N/A) $(i)$ एलीसाइक्लिक यौगिक: ये वे चक्रीय कार्बनिक यौगिक हैं जिनमें कार्बन परमाणु एक वलय में व्यवस्थित होते हैं,लेकिन इनमें एरोमैटिक गुण नहीं होता है। ये अपने गुणों में एलिफैटिक यौगिकों के समान होते हैं। उदाहरण: साइक्लोप्रोपेन,साइक्लोहेक्सेन।
$(ii)$ विषमचक्रीय यौगिक: ये वे चक्रीय यौगिक हैं जिनमें वलय में कार्बन के अलावा एक या अधिक परमाणु (जैसे $N$,$O$,या $S$) होते हैं। इन्हें विषम परमाणु कहा जाता है। उदाहरण: फ्यूरान,पिरिडीन,थायोफीन।
$(iii)$ नॉन-बेंजेनॉइड यौगिक: ये वे चक्रीय यौगिक हैं जो एरोमैटिक गुण तो रखते हैं लेकिन इनमें बेंजीन वलय नहीं होता है। ये हकल के नियम $(4n+2) \pi$ इलेक्ट्रॉनों का पालन करने वाली चक्रीय संयुग्मित प्रणाली के कारण एरोमैटिकता प्रदर्शित करते हैं। उदाहरण: एज़ुलीन,ट्रोपोलोन।