(N/A) कार्बनिक अभिक्रियाओं में इलेक्ट्रॉनों की गति को वक्र-तीर (curved-arrow) संकेतन का उपयोग करके दर्शाया जाता है। यह दर्शाता है कि अभिक्रिया के दौरान इलेक्ट्रॉनिक पुनर्वितरण के कारण बंधन में परिवर्तन कैसे होता है।
$1$. इलेक्ट्रॉन युग्म के स्थानांतरण को दिखाने के लिए,एक वक्र तीर उस बिंदु से शुरू होता है जहाँ से इलेक्ट्रॉन युग्म स्थानांतरित होता है और उस स्थान पर समाप्त होता है जहाँ इलेक्ट्रॉन युग्म जाता है।
$2$. एकल इलेक्ट्रॉन की गति को दर्शाने के लिए,एक सिंगल बार्ब्ड 'फिश हुक' (आधे सिर वाला वक्र तीर) का उपयोग किया जाता है।
इलेक्ट्रॉन गति के उदाहरण:
$(i)$ न्यूक्लियोफिलिक आक्रमण: $HO^{-} + CH_3 - Br \rightarrow CH_3OH + Br^{-}$
$(ii)$ होमोलाइटिक विखंडन: $H_3C - Cl \rightarrow \cdot CH_3 + \cdot Cl$ (बंध के दो इलेक्ट्रॉनों में से $1$ इलेक्ट्रॉन $C$ पर और $1$ इलेक्ट्रॉन $Cl$ पर जाता है)।
इलेक्ट्रॉन गति के सामान्य पैटर्न नीचे दिए गए हैं:
$(i)$ $\pi$ बंध से आसन्न बंध स्थिति पर।
$(ii)$ $\pi$ बंध से आसन्न परमाणु पर।
$(iii)$ एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म वाले परमाणु से आसन्न बंध स्थिति पर (जो $\pi$ बंध बनाता है)।