(N/A) संशोधित कैथोड रे ट्यूब में किए गए विद्युत विसर्जन के कारण धनात्मक आवेश वाले कणों की खोज हुई,जिन्हें कैनाल किरणें भी कहा जाता है।
कैनाल किरणों की विशेषताएं:
$(i)$ धनावेशित कण कैथोड रे ट्यूब में मौजूद गैस की प्रकृति पर निर्भर करते हैं। ये केवल धनावेशित गैसीय आयन होते हैं।
$(ii)$ कणों का आवेश-द्रव्यमान अनुपात $(e/m)$ उस गैस पर निर्भर करता है जिससे वे उत्पन्न होते हैं।
$(iii)$ कुछ धनावेशित कण विद्युत आवेश की मूल इकाई के गुणज में आवेश वहन करते हैं।
$(iv)$ चुंबकीय या विद्युत क्षेत्र में इन कणों का व्यवहार इलेक्ट्रॉन या कैथोड किरणों के विपरीत होता है।
सबसे छोटा और हल्का धनात्मक आयन हाइड्रोजन से प्राप्त किया गया था और इसे प्रोटॉन $(H^{+})$ कहा गया।