(N/A) बैक्टीरिया में पाए जाने वाले $RNA$ के तीन मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:
$(i)$ $mRNA$ (मैसेंजर $RNA$): यह स्थानांतरण (translation) के लिए टेम्पलेट प्रदान करता है।
$(ii)$ $tRNA$ (ट्रांसफर $RNA$): यह अमीनो एसिड लाता है और आनुवंशिक कोड को पढ़ता है।
$(iii)$ $rRNA$ (राइबोसोमल $RNA$): यह स्थानांतरण के दौरान संरचनात्मक और उत्प्रेरक भूमिका निभाता है।
कोशिका में प्रोटीन के संश्लेषण के लिए तीनों $RNA$ की आवश्यकता होती है।
बैक्टीरिया में सभी प्रकार के $RNA$ के अनुलेखन को उत्प्रेरित करने के लिए एक ही $DNA$ पर निर्भर $RNA$ पॉलीमरेज़ होता है।
बैक्टीरिया में अनुलेखन की प्रक्रिया तीन चरणों में होती है:
$1$. प्रारंभन (Initiation): $RNA$ पॉलीमरेज़ $DNA$ पर प्रमोटर क्षेत्र से जुड़ता है और अनुलेखन शुरू करता है। प्रक्रिया शुरू करने के लिए यह प्रारंभिक कारक $(\sigma)$ के साथ अस्थायी रूप से जुड़ता है।
$2$. दीर्घीकरण (Elongation): $RNA$ पॉलीमरेज़ न्यूक्लियोसाइड ट्राइफॉस्फेट का उपयोग सब्सट्रेट के रूप में करता है और पूरकता के नियम का पालन करते हुए टेम्पलेट-निर्भर तरीके से पॉलीमराइज़ेशन करता है। यह $DNA$ हेलिक्स को खोलने में मदद करता है और दीर्घीकरण जारी रखता है।
$3$. समापन (Termination): जैसे ही पॉलीमरेज़ टर्मिनेटर क्षेत्र तक पहुँचता है, नवजात $RNA$ और $RNA$ पॉलीमरेज़ दोनों अलग हो जाते हैं। अनुलेखन को समाप्त करने के लिए यह समापन कारक $(\rho)$ के साथ जुड़ता है। इन कारकों ($\sigma$ और $\rho$) के साथ जुड़ने से $RNA$ पॉलीमरेज़ की विशिष्टता बदल जाती है, जो प्रक्रिया को शुरू या समाप्त करने में मदद करती है।