(N/A) शुद्ध जल की सांद्रता की गणना:
शुद्ध जल का घनत्व $= 1.0 \ g \ mL^{-1} = 1000 \ g \ L^{-1}$.
जल की सांद्रता $= \frac{1 \ L \text{ जल का द्रव्यमान}}{H_2O \text{ का आणविक द्रव्यमान}} = \frac{1000 \ g}{18 \ g \ mol^{-1}} = 55.55 \ mol \ L^{-1}$.
जल का वियोजन साम्य $H_2O(l) \rightleftharpoons H^+(aq) + OH^-(aq)$ है।
$298 \ K$ पर जल का आयनिक गुणनफल $K_w = [H^+][OH^-] = 1.0 \times 10^{-14}$ है।
शुद्ध जल में,$[H^+] = [OH^-] = 1.0 \times 10^{-7} \ M$.
वियोजित जल और अवियोजित जल का अनुपात $\frac{1.0 \times 10^{-7}}{55.55} \approx 1.8 \times 10^{-9}$ है।
चूंकि यह मान अत्यंत छोटा है,इसलिए साम्य मुख्य रूप से बाईं ओर (अवियोजित जल) की ओर स्थित होता है।